✦ कार्यकारिणी ✦
स्थापना - १९/१२/१९५६
कालावधी दि. २७/१२/२०२२ ते २६/१२/२०२७
| अ.क्र. | सभासदाचे नाव | पद | प्रभाग क्र. | प्रवर्ग |
|---|---|---|---|---|
| १ | सौ. प्राची प्रदीप नाईक | सरपंच | सामाईक | सर्वसाधारण महिला |
| २ | श्री. विक्रम विजय सावंत | उपसरपंच | १ | सर्वसाधारण |
| ३ | श्री. तुषार शंकर नाईक | सदस्य | १ | नामाप्र |
| ४ | श्री. विनायक दुलाजी गावडे | सदस्य | १ | सर्वसाधारण |
| ५ | सौ. सुजाता चंद्रकांत वालावलकर | सदस्य | २ | नामाप्र महिला |
| ६ | सौ. संगिता संदिप नाईक | सदस्य | २ | सर्वसाधारण महिला |
| ७ | सौ. संतोषी सुधीर गावडे | सदस्य | २ | सर्वसाधारण महिला |
| ८ | सौ. साक्षी गणपत राऊळ | सदस्य | ३ | सर्वसाधारण महिला |
| ९ | सौ. सीता रामचंद्र शिरोडकर | सदस्य | ३ | सर्वसाधारण महिला |
| १० | श्री. प्रकाश महादेव गावडे | सदस्य | ३ | सर्वसाधारण |
✦ कर्मचारी वर्ग ✦
| अ.क्र. | कर्मचारी नाव | पद |
|---|---|---|
| १ | श्री. ज्ञानेश्वर दिगंबर काळसेकर | ग्रामसेवक |
| २ | श्री. महादेव मंगेश सावंत | लिपिक |
| ३ | श्री. गुंडू रमाकांत गावडे | शिपाई |
| ४ | सौ. वेदा विनायक गावडे | केंद्रचालक |
वेतोरे गाव हे श्रद्धा, परंपरा आणि धार्मिकतेने समृद्ध असे गाव आहे. या गावात तीन प्रमुख देवस्थाने आहेत, जी गावकऱ्यांच्या नित्य जीवनाचा अविभाज्य भाग आहेत. सर्वप्रथम सातेरी मंदिर, जे गावाच्या केंद्रस्थानी असून स्थानिक देवी सातेरीचे हे प्राचीन मंदिर भक्तांच्या श्रद्धेचे प्रतीक आहे. दुसरे सोमेश्वर मंदिर, हे भगवान शंकराचे मंदिर असून शिवभक्तांसाठी हे एक शांततेचे आणि भक्तिभावाचे स्थान आहे. आणि तिसरे रवळनाथ मंदिर, जे गावाच्या सांस्कृतिक परंपरेचा अविभाज्य भाग मानले जाते. या तिन्ही देवस्थानांमध्ये वर्षभर धार्मिक उत्सव, जत्रा व भजन-कीर्तनाचा मोठा उत्साह असतो, जो संपूर्ण गावाला एकत्र आणतो.
Recent Comments